Friday, 16 January 2015

एमएसजी' से खफा सेंसर बोर्ड अध्‍यक्ष लीला सैमसन का इस्‍तीफा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्म 'मैसेंजर ऑफ गॉड' (एमएसजी) को फिल्म सर्टीफिकेशन अपीलीय ट्रिब्यूनल (एफसीएटी) से रिलीज की मंजूरी मिलने के दावे के बीच सेंसर बोर्ड की प्रमुख लीला सैमसन ने गुरुवार देर रात अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया।
जब लीला सैमसन से पूछा गया कि क्या उन्हें पता है कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफसीएटी ने फिल्म 'एमएसजी' को हरी झंडी दे दी है? इस पर लीला ने कहा कि उन्होंने भी ऐसा सुना है। लेकिन अभी तक लिखित में कुछ भी नहीं है। ये एक तरह से फिल्म सेंसर बोर्ड के सर्टीफिकेट का मजाक उड़ाना है। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा देने का फैसला अंतिम है। उन्होंने इस बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को जानकारी दे दी है।
इस बीच, फिल्म एमएसजी को एफसीएटी से मंजूरी मिलने के फैसले पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सेंसर बोर्ड ने राम रहीम अभिनीत 'एमएसजी' को मंजूरी के लिए एफसीएटी को रेफर किया था। इस फिल्म को आज रिलीज होना है।
लीला सैमसन ने इस्तीफे की वजह हालांकि फिल्म की रिलीज को न बताते हुए कहा कि मंत्रालय की ओर से नियुक्त अधिकारियों और पैनल के सदस्यों के भ्रष्टाचार, दखलअंदाजी और मनमाने रवैये के कारण वो इस्तीफा दे रही हैं। सैमसन ने कहा कि धन आवंटित न होने के कारण सेंसर बोर्ड के सदस्यों की बैठक पिछले नौ महीनों से नहीं हुई है। ऐसे संस्थान को चलाना आसान नहीं है।

Saturday, 3 January 2015

'पीके' के निर्देशक, निर्माता और अभिनेता के खिलाफ मामला दर्ज

जयपुर। फिल्म 'पीके' को लेकर विरोध प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। राजस्थान के जयपुर में भी इसका जमकर विरोध किया जा रहा है। यहां के बजाज नगर पुलिस स्टेशन में फिल्म के निर्देशक, निर्माता और एक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। खुद पुलिस ने इसकी जानकारी दी है।
ये मामला आईपीसी की धाराओं 295 (A) और 153(A) के तहत दर्ज किया गया है। बजाज नगर पुलिस स्टेशन के एसएचओ चिरंजी लाल ने बताया कि बीती शाम 'पीके के निर्देशक, निर्माता और एक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में तीनों का नाम नहीं लिखा गया है। बसंत गहलोत नाम के व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया है और जांच शुरू कर दी गई है।
दरअसल 'पीके' में धर्म के नाम पर चल रहे पाखंड को दिखाया गया है। इसके चलते कई हिन्दू संगठन इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और इसे बैन करने की मांग कर रहे हैं।
राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी 'पीके' में आमिर खान और अनुष्का शर्मा मुख्य किरदारों में हैं। फिल्म 19 दिसंबर को रिलीज हुई थी।

Friday, 2 January 2015

Ban PK Movie

आज नव वर्ष की शुभकामना के साथ मैं आपको एक बार फिर से वही बात बताने की कोसिस कर रही हु  कि लव जिहाद कोई एक संस्था या फिर कोई एक आदमी न होकर मुस्लिम लोग जो हिंदुस्तान में रहते हैं।  वो मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुस्तान को अपना ले पा रहे हैं पर हिन्दुओ के  साथ काम करना चाहते पर उनकी प्रॉब्लम भी हैं कि  हिन्दुस्तान में रहकर हिन्दुओ के बिना वो कुंज भी नही  इसी कारन से वो हिन्दुओ को बहकाकर फुसलाकर ये सब कर रहे हैं।  मैं आपको उदहारण  देना चाहती हु pk फिल्म आई और मैंने भी देखी और मैं जानती हु की आपने भी देखि होगी।  इस फिल्म में आमिर एक मुस्लिम है इसलिए उसने एक पाकिस्तानी लड़के और हिन्दू लड़की की फिल्म बनाई।  मैं मानती हु फिल्म में कोई बुराई नही थी फिर भी उन्होंने ऐसी  कहानी बनवाई जिसमे लड़का पाकिस्ताि मुसलमान हो वो पाकिस्तानी हिन्दू और सिक्ख क्यों नही हो सकता और दूसरी बात इसमें केवल हिन्दुओ के बारे में फोकस किया मुस्लिम के बारे में तो कुंज नही बोला जब की आमिर मुस्लिम है क्या मुस्लिम धर्म में कोई बुराई नही है पर जहाँ तक मैंने पढ़ा है की हिन्दुस्तान में कोई भी मुस्लिम नही हैं ये जो अपने आप को मुस्लिम कहते हैं धरम परिवर्तन किये हुए लोग हैं जो जबरन या फिर पैसे के प्रलोभन से मुस्लिम बनाये गए हैं १५०० से पहले सायद ही कोई मुस्लिम हिंदुस्तांन में हो।  और रही बात हमारे धर्म  की मैं चाहती हु कि  कोई भी मुस्लिम  अभिनेता हमारे ऊपर ये अहसान न करे कि हम हिन्दुओ के हित के लिए ये सब कर रहे हैं।  चाहे सलमान ,सरुखान या फिर आमिर।  पहले इतिहास पढ़ो और फिर सोचो  तुम हो  क्या और किसके बारे में क्या कर रहे हो अनयथा मैं और मेरा  इनका विरोध करने  जा  रहे हैं।


रेणुका शोकीन