Showing posts with label hindu. Show all posts
Showing posts with label hindu. Show all posts

Friday, 16 January 2015

एमएसजी' से खफा सेंसर बोर्ड अध्‍यक्ष लीला सैमसन का इस्‍तीफा

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्म 'मैसेंजर ऑफ गॉड' (एमएसजी) को फिल्म सर्टीफिकेशन अपीलीय ट्रिब्यूनल (एफसीएटी) से रिलीज की मंजूरी मिलने के दावे के बीच सेंसर बोर्ड की प्रमुख लीला सैमसन ने गुरुवार देर रात अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया।
जब लीला सैमसन से पूछा गया कि क्या उन्हें पता है कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफसीएटी ने फिल्म 'एमएसजी' को हरी झंडी दे दी है? इस पर लीला ने कहा कि उन्होंने भी ऐसा सुना है। लेकिन अभी तक लिखित में कुछ भी नहीं है। ये एक तरह से फिल्म सेंसर बोर्ड के सर्टीफिकेट का मजाक उड़ाना है। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा देने का फैसला अंतिम है। उन्होंने इस बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को जानकारी दे दी है।
इस बीच, फिल्म एमएसजी को एफसीएटी से मंजूरी मिलने के फैसले पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सेंसर बोर्ड ने राम रहीम अभिनीत 'एमएसजी' को मंजूरी के लिए एफसीएटी को रेफर किया था। इस फिल्म को आज रिलीज होना है।
लीला सैमसन ने इस्तीफे की वजह हालांकि फिल्म की रिलीज को न बताते हुए कहा कि मंत्रालय की ओर से नियुक्त अधिकारियों और पैनल के सदस्यों के भ्रष्टाचार, दखलअंदाजी और मनमाने रवैये के कारण वो इस्तीफा दे रही हैं। सैमसन ने कहा कि धन आवंटित न होने के कारण सेंसर बोर्ड के सदस्यों की बैठक पिछले नौ महीनों से नहीं हुई है। ऐसे संस्थान को चलाना आसान नहीं है।

Friday, 2 January 2015

Ban PK Movie

आज नव वर्ष की शुभकामना के साथ मैं आपको एक बार फिर से वही बात बताने की कोसिस कर रही हु  कि लव जिहाद कोई एक संस्था या फिर कोई एक आदमी न होकर मुस्लिम लोग जो हिंदुस्तान में रहते हैं।  वो मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुस्तान को अपना ले पा रहे हैं पर हिन्दुओ के  साथ काम करना चाहते पर उनकी प्रॉब्लम भी हैं कि  हिन्दुस्तान में रहकर हिन्दुओ के बिना वो कुंज भी नही  इसी कारन से वो हिन्दुओ को बहकाकर फुसलाकर ये सब कर रहे हैं।  मैं आपको उदहारण  देना चाहती हु pk फिल्म आई और मैंने भी देखी और मैं जानती हु की आपने भी देखि होगी।  इस फिल्म में आमिर एक मुस्लिम है इसलिए उसने एक पाकिस्तानी लड़के और हिन्दू लड़की की फिल्म बनाई।  मैं मानती हु फिल्म में कोई बुराई नही थी फिर भी उन्होंने ऐसी  कहानी बनवाई जिसमे लड़का पाकिस्ताि मुसलमान हो वो पाकिस्तानी हिन्दू और सिक्ख क्यों नही हो सकता और दूसरी बात इसमें केवल हिन्दुओ के बारे में फोकस किया मुस्लिम के बारे में तो कुंज नही बोला जब की आमिर मुस्लिम है क्या मुस्लिम धर्म में कोई बुराई नही है पर जहाँ तक मैंने पढ़ा है की हिन्दुस्तान में कोई भी मुस्लिम नही हैं ये जो अपने आप को मुस्लिम कहते हैं धरम परिवर्तन किये हुए लोग हैं जो जबरन या फिर पैसे के प्रलोभन से मुस्लिम बनाये गए हैं १५०० से पहले सायद ही कोई मुस्लिम हिंदुस्तांन में हो।  और रही बात हमारे धर्म  की मैं चाहती हु कि  कोई भी मुस्लिम  अभिनेता हमारे ऊपर ये अहसान न करे कि हम हिन्दुओ के हित के लिए ये सब कर रहे हैं।  चाहे सलमान ,सरुखान या फिर आमिर।  पहले इतिहास पढ़ो और फिर सोचो  तुम हो  क्या और किसके बारे में क्या कर रहे हो अनयथा मैं और मेरा  इनका विरोध करने  जा  रहे हैं।


रेणुका शोकीन


Tuesday, 16 December 2014

पाकिस्तान में 311 हिंदू बच्चों की मौत

पाकिस्तान के एकमात्र हिंदू बहुल जिले थारपरकर में पिछले 11 महीनों के दौरान कुपोषण व अन्य समस्याओं के चलते पांच साल से कम उम्र के 311 बच्चों की मौत हुई है। मौत की अहम वजह श्वांस अवरोध, जन्म के समय कम वजन और न्यूमोनिया बताए जा रहे हैं।
थारपरकर दक्षिणी सिंध प्रांत का एक रेगिस्तानी इलाका है। राजस्थान से लगा यह क्षेत्र लंबे समय से भीषण सूखे की चपेट में है। प्रधान सचिव ने सिंध हाईकोर्ट में इस संदर्भ में रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार मरने वालों में 118 बच्चे नवजात थे, जिनकी जन्म के दिन ही मृत्यु हो गई, जबकि 82 बच्चों की मौत जन्म के एक महीने के अंदर हुई। 28 बच्चों की मौत डेढ़ से तीन महीने की उम्र में हुई जबकि 29 बच्चों ने आठ महीने से एक साल की उम्र में दम तोड़ा। रिपोर्ट में बताया गया कि थार समुदाय के लोग, खासकर महिलाओं में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का अभाव है। ज्यादातर परिवारों में औसतन आठ बच्चे हैं। हालांकि रिपोर्ट में क्षेत्र में भोजन की उपलब्धता में कमी के संबंध में कुछ नहीं कहा गया है।
निजी चैनलों ने क्षेत्र में पिछले एक साल से आपातकालीन स्थितियों से निपटने में स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही पर कई बार सवाल उठाया है। अपनी कमी को स्वीकारने की बजाय स्थानीय सरकार ने यहां के ¨हदुओं के खराब भोजन चयन पर सवाल उठाया है।
और हिन्दुस्तान में इसका उल्टा हो रहा है केवल गरीब  मुस्लिम लोगो के लिए ही सहायता के लिए सरकार पिछले ६० सालो से काम कर रही है और हिन्दुओ की तरफ इनका धयान ही नही है आज जहां पाकिस्तान में हिन्दू मिटने कगार पर हैं वही हिन्दुस्तान में  मुस्लिम समुदये के लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं।  और देश सविधान के कंोनो को भी  रखकर अनेको कार्य किये  हैं।  मैं चाहूंगी की भारतीय लोग इसे समझे की संसार में यदि तुम्हे हिंदी संस्कर्ति को जिन्दा रखना है तो जाग जाओ और जो दुश्मन तुम्हारे आँचल में पनाह ले रक्खा है उस आस्तीन  साप को बहार निकाल कर फैक दो  जल्दी ही पूरे संसार से हिंदुत्व का विनससह तुम अपनी आँखों  देखोगे।  जय हिन्द जय  भारत 

Tuesday, 9 December 2014

आगराः हवन कर हिंदू बने 60 मुस्लिम परिवार, लगाया तिलक

आगरा, जिस बस्ती में कई सालों से कुरान की आयतें गूंजती थीं, सोमवार सुबह वहां संस्कृत के श्लोक सुनाई दे रहे थे। कई साल आगरा में गुजारने के बाद भी मुसाफिरों जैसी जिंदगी बिता रहे लगभग 60 मुस्लिम परिवारों के 387 सदस्यों ने हवन कर हिंदू धर्म कुबूल कर लिया। उन्होंने तिलक लगा जनेऊ धारण कर लिया।
देवरी रोड स्थित वेद नगर में दर्जनों परिवार एक साथ रहते हैं। मूल रूप से कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रहने वाले यह लोग करीब 17 साल से आगरा में कबाड़ का काम करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रकल्प और बजरंग दल के कार्यकर्ता तीन माह से इनके बीच सक्रिय थे। बातचीत में पता चला कि इनके पुरखे हिंदू थे, जिन्होंने किन्हीं कारणवश इस्लाम धर्म अपना लिया था।

करीब 25 वर्ष बाद इन मुस्लिम परिवारों ने दुबारा अपने मूल धर्म में वापसी की। सुबह सभी परिवारों को स्नान कराया और गाय के गोबर से भूमि का लेपन कर हवन कुंड बनवाया। काली माता की प्रतिमा स्थापित करा कर हवन-पूजन के बाद सभी को कलावा बांधकर तिलक लगाया और पुरुषों को जनेऊ पहनाए। परिवारों की अगुआई कर रहे राजकुमार (इस्माइल) का कहना था कि हम अब तक अपेक्षित रहे हैं, कोई सरकारी सुविधा नहीं मिलती। उम्मीद है धर्म परिवर्तन के बाद स्थिति कुछ सुधरेगी।

Saturday, 29 November 2014

'आईएस की ओर आकर्षित हो रहे हैं भारतीय युवक'


आज मैंने ये खबर पढ़ी और लगा की देश किस ओरर जा रहा है।  हमे ये ही नही पता आज का नौजवान क्या करना चाहता है।  और ये वो लोग है जो सरकार से छूट पाते हैं और देश को पीछे ले जाते हैं इनमेसे कुंछ लोग काम नही करना चाहते और कुछ नही करते।  ये सब हिंदुस्तान को आज तक अपना नही पाये और चाहकर भी अपना भी नही सकते क्योंकि इनकी इतनी छोटी है की ये अपनी सगी माँ को भी अपना नही मानते और देश तो दूर की बात है कुछ लोग देश  खाकर  दुसरे देश के लिए काम कर रहे हैं हम सब को मिलकर इसके लिए काम करना चाइये न की सरकार को कोसना छाए हर काम के लिए।  मैं आपसे प्रार्थना करता हु की देश मैं एक टीम की तरह रहकर एक उदेश्य के लिए एक होकर काम करेंगे तो आनेवाले ५ सालो में हम देश से ऐसे लोगो को गुमराह होने से रोक  सकते हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्वीकार किया है कि देश के कुछ युवकों को गुमराह किया जा रहा है और वे आईएस जैसी संस्थाओं से जुड़ रहे हैं।
गृहमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे युवओं की पहचान करनी होगी। इसके साथ ही उन्होंने पुलिए अधिकारियों से यह भ्ाी कहा कि अल-कायदा के खतरों से भी सावधान रहना है और उसके मंसूबों को खत्म करना है। दिल्ल्ाी में 50 करोड़ रुपयों की लागत से नेशनल पुलिस मेमोरियल बनाने की घोषणा भी उन्होंने की।
पूर्वोत्तर में विकास की बात करते हुए राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया कि इसमें यहां और तेजी आएगी। पाकिस्तान के मंसूबों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में रिक्त पद जल्द ही भर दिए जाएंगे और सभी संभव मदद पहुंचाई जाएगी।
साइबर स्पेस पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर नजर रखना बड़ी चुनौती है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि सभी हाई-वे पर सीसीटीवी कैमरे लगावाए जाएंगे।

Thursday, 27 November 2014

धर्मांतरण के बाद युवती से सामूहिक दुष्कर्म

बरेली की एक लड़की को अलीगढ़ के युवक ने प्रेमजाल में फंसाकर उसकी अश्लील फिल्म बनाकर उसका धर्मांतरण कराया। फिर विवाह कर लिया, लड़की को जब उसकी हकीकत पता चली तब युवक के घर के दो लोगों ने युवती के साथ सामूहिक दुराचार किया। उसे डेढ़ साल तक बंधक बनाए रखा। किसी तरह युवती द¨रदों के चंगुल से छूटी तो बरेली पहुंचकर एसएसपी कार्यालय में इसकी शिकायत की। एसएसपी के आदेश के बाद सीओ तृतीय मामले की जांच कर रहे हैं।
बरेली के बारादरी के बंजरिया क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती की करीब दो वर्ष पहले एक धर्मस्थल पर अलीगढ़ के युवक से मुलाकात हुई थी। तब युवक ने अपना नाम इमरान बताया। कुछ दिन बाद में दोनों की दोस्ती में प्यार में बदल गई। इमरान ने युवती को शादी का झांसा दिया और परिवार के लोगों से मिलाने के बहाने अलीगढ़ ले गया। वहां पर एक होटल में कई दिनों तक उसके साथ युवती की अस्मत से खेलता रहा। इसके बाद गाजियाबाद ले जाकर वहां पर भी होटल में युवती के साथ रंगरेलियां मनाईं। इसी बीच उसने नशीला पदार्थ खिलाकर इस युवती की अश्लील क्लिपिंग बना ली। दस दिन बाद उसे फिर अलीगढ़ ले गया और युवती का जबरन धर्मातरण कराकर उसका नाम बदल दिया। इसके बाद कोर्ट मैरिज की।
तब युवती को पता चला कि युवक ने धर्म छिपा लिया था। उसका असली नाम रोहिताश है और वह अलीगढ़ के अकराबाद के साहगढ़ का रहने वाला है। युवक के घर पर युवती ने जब इसका विरोध किया तो उसके परिवार के दो लोगों ने युवती को जबरन नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। तमंचे के बल पर उसे घर में बंधक बनाए रखा। उससे जान से मारने की धमकी देते रहे। करीब तीन माह पहले युवती को एक बेटा हुआ तो युवक और उसके परिवार के लोगों को विश्वास हो गया कि युवती अब कहीं नहीं जाएगी। बीते सप्ताह इस युवती को मौका मिल गया और वह भागकर किसी तरह बरेली आ गई। उसने अपने परिवारवालों को सारी स्थिति से अवगत कराया। मंगलवार को घरवाले उसे एसएसपी कार्यालय पहुंचे। अब एसएसपी बरेली ने मामले की जांच सीओ तृतीय को सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है।

Wednesday, 26 November 2014

आनर किलिंग : बुलंदशहर में युवक को सरेआम फांसी

बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद इलाके में आज एक गाव की पंचायत ने सरेआम फांसी का फंदा डालकर युवक को फंसी पर लटका दिया। इससे उसकी मौत हो गई। दरअसल, सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के गाव नगला छोना निवासी इंदर के बेटे लाला को टोटा गाव में कुछ लोगों ने एक महिला के साथ आपित्तजनक हालात में देख लिया। इसके बाद गाव के लोग जुटे और युवक को पकड़कर शीशम के पेड़ से बाध दिया। इसके बाद उसकी पिटाई की और बाद में पेड़ से फासी का फंदा डालकर मौत के घाट उतार दिया। मामले को लेकर दोनों गावों के बीच तनाव है।
https://www.facebook.com/vishavahinduektasangh

Tuesday, 25 November 2014

फिल्‍म के सेट पर सलमान की सख्‍ती!


सलमान खान अपनी फिल्म 'बजरंगी भाईजान' के दूसरे शेड्यूल की शूटिंग अपनी हीरोइन करीना कपूर के साथ करजत में कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रोडक्शन हाउस ने कुछ सख्त नियम सेट पर लागू किए हैं जिनका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। सलमान ने भी इन नियमों को अपनाया और दूसरों को भी इसे फॉलो करने के लिए कहा है।
सलमान के टि्वटर के फैन पेज पर एक तस्वीर मिली है जिसके अनुसार सेट पर कोई खाने-पीने की कोई चीज नहीं ले जायी जा सकता। लगता है सलमान खुद पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को काफी गंभीरता से ले रहे हैं और सेट्स पर कूड़ा-करकट या गंदगी नहीं करने को कहा गया है।
कुछ दिन पहले टीम ने दिल्ली में अपना पहला शेड्यूल पूरा किया था। करजत के बाद इस फिल्म की शूटिंग राजस्थान और कश्मीर में भी होगी। कबीर खान की यह फिल्म एक मुस्लिम लड़के और हिंदू लड़की की लव स्टोरी है। फिल्म अगले साल ईद पर रिलीज होगी।

लाइव: झारखंड में हिंसा, जम्‍मू-कश्‍मीर में ब्‍लास्‍ट

झारखंड से हिंसा की छिटपुट खबरें आ रही हैं। सुबह मतदान केंद्र पर बम मिलने की घटना के बाद अब पलामू में मारपीट हो गई है। छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 191 और 192 पर मतदाताओं ने ईवीएम मशीनें तोड़ दी हैं। इसके बाद वहां मतदान रद कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में भी धमाके की सूचना है। पुलिस और सैन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और जांच की जा रही है। धमाका बांदीपुर जिले में हुआ है। यह एक कम क्षमता वाला धमाका था, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सुबह 11 बजे तक तक झारखंड में कुल 27 प्रतिशत पोलिंग हो चुकी थी। गुमला में 21 प्रतिशत, चतरा में 22, बिशुनपुर में 29, लोहरदगा में 25, मनिका में 16, लातेहार में 23, पनकी में 31, डालटनगंज में 32, विश्रामपुर में 32, छतरपुर में 35, हुसैनाबाद में 27, गढ़वा में 29 और भावनाथपुर में 32 प्रतिशत मतदान हुआ था।
वहीं जम्मू-कश्मीर में सुबह 10 बजे तक कुल 14 से 15 प्रतिशत तक के मतदान की सूचना है। इसमें गुरेज में 24, बांदीपुरा में 15, सोनावारी में 16, कंगन में 18, गांदेरबाल में 13, नोबरा में 9, लेह में 6, कारगिल में 4, जांचकर में 10, किश्तवाड़ में 15, इंदरवाल में 17, डोडा में 14, भदेरवा में 14, रामबन में 14 और बानिहाल में 15 प्रतिशत मतदान हुआ है।
इससे पहले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत झारखंड में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। वहीं, जम्मू-कश्मीर में सुबह आठ बजे से मतदान होने लगा। मंगलवार को आतंक प्रभावित जम्मू-कश्मीर की 15 सीटों पर जबकि नक्सल प्रभावित झारखंड की 13 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं।
झारखंड में मतदान केंद्रों की निगहबानी के लिए हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं। मंगलवार को जहां-जहां मतदान हो रहा है सभी नक्सल प्रभावित इलाके हैं। बावजूद इसके सुबह सात बजे से ही इन इलाकों में मतदान केंद्रों पर मतदाता पहुंच गए थे। आठ बजते- बजते बूथों पर कतार लग गई थी।
गुमला जिले के मतदान केंद्र संख्या 185 और 92 पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल विधानसभा क्षेत्र के हरिहरगंज के बूथ संख्या 259 व 260 पर नक्सिलियों ने बम लगा रखे थे, जिसे लोगों ने समय रहते देख लिया।
वहां बम निरोधक दस्ता पहुंचा था। इस कारण इन दोनों केंद्रों पर मतदान अब तक शुरू नहीं हो पाया। चतरा के प्रतापपुर में बूथ संख्या 127, 128, 129 और 306 पर ग्रामीणों में वोट नहीं डाला। बूथ बदलने की मांग थी।
गुमला जिले में एक मतदान केंद्र पर आने वाले नए मतदाताओं को गुलाब का फूल देकर स्वागत किया जा रहा है। मतदाताओं में उत्साह बढ़ाने के लिए यह अनोखी परंपरा शुरू की गई है। यही नहीं लातेहार में पहली दफा वोट डालने वालों को प्रशस्ति पत्र दिया जा रहा है। इस बीच सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने जम्मू-कश्मीर में मतदान के दौरान सुरक्षा इंतजामों का जायजा भी लिया।
पहले चरण में झारखंड की 13 सीटों पर 199 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं तो जम्मू-कश्मीर की 15 सीटों पर 123 प्रत्याशी अखाड़े में हैं। झारखंड में मुख्य मुकाबला कांग्रेस, भाजपा व झामुमो के बीच है, जबकि जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस व भाजपा के लिए चुनावी अखाड़ा बना है।

Monday, 24 November 2014

Saindhava Lavana - सेंधा नमक लाभ, आयुर्वेद उपयोग, साइड इफेक्ट्स

Saindhava Lavana - सेंधा नमक लाभ, आयुर्वेद उपयोग, साइड इफेक्ट्स
Saindhava Lavana या सेंधा नमक सभी लवण के बीच सबसे अच्छा माना जाता है। यह आयुर्वेद के अनुसार दैनिक उपयोग के लिए सलाह दी है। अपने गुण, उपयोग और स्वास्थ्य लाभ के लिए नियमित रूप से नमक से काफी अलग हैं। हमें पता करते हैं।

संस्कृत समानार्थक शब्द: Saindhava, Sheetashiva (यह प्रकृति में शीतलक है क्योंकि), सिंधुजा, Naadeya (यह नदियों के किनारे में पाया जाता है, क्योंकि), Manimantha (यह पंजाब के सिंध क्षेत्र में पाया जाता है, क्योंकि)



सेंधा नमक वर्नाकुलर नाम:
अंग्रेजी नाम - हिमालय नमक, हिमालय सेंधा नमक, हिमालय गुलाबी नमक
हिन्दी नाम - Sendha नमक, Sendha लंदन
मराठी नाम - Shende देशांतर
गुजराती नाम - Sindhalun
बंगाली नाम - Saindhava Lavan
तमिल नाम - Intuppu

परिचय:
यह पंजाब की खानों से उपलब्ध है। यह दो किस्मों में से एक है -
1. श्वेता Saindhava - (सफेद रंग)
2. रक्त Saindhava - (लाल रंग में)
इनमें से किसी को भी नियमित रूप से सेंधा नमक के नाम में इस्तेमाल किया जा सकता है।



रासायनिक संरचना -
सोडियम क्लोराइड 98% तक बनाने प्रमुख घटक है। यह कई उपयोगी खनिज और तत्व शामिल हैं। यह भी आयोडीन, लिथियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, क्रोमियम, मैंगनीज, लोहा, जस्ता, स्ट्रोंटियम, आदि शामिल हैं और अधिक पढ़ें ।

Saindhava Lavana के गुण:
स्वाद - नमक, थोड़ा मीठा स्वाद,
शक्ति -Cold
गुण - लाइट, लेप,
त्रिदोष पर प्रभाव - हम जानते हैं कि नमक स्वाद आमतौर पर पित्त बढ़ जाती है सीखा है, लेकिन Saindhava Lavana, शक्ति में ठंडा किया जा रहा पित्त को संतुलित करने में मदद करता है।
क्योंकि इसकी नमक स्वाद के लिए, यह वात और संतुलन
यह भी कफ से राहत मिलती है, क्योंकि कारण बलगम जमा हो जाने के सीने में भीड़ को राहत देने में मदद करता है।
इसलिए यह सब तीन दोषों को संतुलित करता है कि दुर्लभ आयुर्वेदिक पदार्थ में से एक है।

सेंधा नमक का उपयोग करता है -
saindhava - Sendha नमक
चरक के अनुसार, यह दैनिक आधार पर लिया जा सकता है कि उन मुद्दों में से एक है। (Pathya)। (संदर्भ: चरक संहिता Sutrasthana 5/12 )
Rochana - स्वाद में सुधार
Dipana - पाचन शक्ति में सुधार
Vrushya - कामोद्दीपक के रूप में कार्य करता है
Chakshushya - आंखों के लिए अच्छा है, संक्रमण को राहत देने में मदद करता है
Aviidahi - (नियमित लवण के विपरीत), Saindhava Lavana जलन पैदा नहीं करता।
Hrudya - दिल के लिए अच्छा
Hikkanashana - हिचकी में उपयोगी

सांस की बीमारियों में Sendha नमक का प्रयोग करें - कफ vilayana, कफ chedana - यह बिखर कफ / भंग करने के लिए मदद करता है। यह संपत्ति उस में शामिल किया जाता है, कारण है Lavana भास्कर Churna - (इसके अलावा पाचन विकार में) सांस की बीमारियों में इस्तेमाल किया, यह भंग करने या बिखर और थूक निष्कासित करने में मदद करता है।

जैसे - एक ही कारण के लिए कठोरता के संयुक्त विकारों में प्रयोग करें, यह संयुक्त कठोरता को राहत देने के लिए उपयोग किया जाता है कि कई दवाओं में प्रयोग किया जाता है Dhanwantaram Tailam , Brihat Saindhavadi taila और Saptavinshati गुग्गुलु ।
आमतौर पर जोड़ों की कठोरता है, जहां रुमेटी गठिया, के मामलों में, सेंधा नमक मौखिक सेवन के लिए बाहरी आवेदन के लिए तेल और गोलियों में एक घटक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे सेंक के लिए सेंधा नमक का उपयोग करने के लिए -
यह   संयुक्त विकारों के मामलों में उपयोगी है, या कफ साइनसाइटिस, के रूप में अधिक है जहां कहीं।
- 15 मिनट कठोरता के साथ संयुक्त विकारों के मामले में, तेल अपने चिकित्सक द्वारा निर्धारित लागू होते हैं, 10 के लिए छोड़ दें। फिर, एक कपड़े के अंदर Sendha नमक का एक कप ले लो। पैक में बनाते हैं। एक पैन पर यह गर्मी आपकी त्वचा पर गर्मी सहिष्णुता के लिए जाँच करें। यह संतोषजनक है एक बार, धीरे प्रभावित संयुक्त पर इस सेंधा नमक पैक लागू होते हैं। आप गरम करना और जोड़ों पर फिर से लागू कर सकते हैं। 5 मिनट - आप 4 के लिए ऐसा कर सकते हैं।
यहां तक कि कर रही है जबकि Nasya चिकित्सा (डॉक्टर की सलाह के अनुसार) उपयुक्त तेल से मालिश करने के बाद, आप का उपयोग करने से पहले, एक ही तकनीक के साथ गर्म सेंक दे सकते अनु taila नाक बूंदों के रूप में। यह थूक liquify करने के लिए और, माइग्रेन आदि साइनसाइटिस को राहत देने में मदद करता है

बस्ती में सेंधा नमक का प्रयोग करें -
एनीमा प्रक्रिया - बस्ती एक पंचकर्म है। बस्ती तरल तैयार करते समय, सेंधा नमक एक पायस तैयार करने के लिए जोड़ा गया है। यह भंग करने और आंतों से दोषों को निष्कासित करने में मदद करता है।

मोटापा और उच्च कोलेस्ट्रॉल में Saindhava का प्रयोग करें - यह भंग और बिखरने प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह व्यापक रूप से Lavana taila और विरोधी कोलेस्ट्रॉल उत्पादों की तरह विरोधी मोटापा उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है।

कहां सेंधा नमक खरीदने के लिए - भारत के भीतर, यह भारत भर में किसी भी आयुर्वेदिक चिकित्सा की दुकान में उपलब्ध है। भारत के बाहर, यह संयुक्त राज्य अमेरिका में नीचे की तरह (संबद्ध), अमेज़न वेबसाइट में उपलब्ध है


Gastritis और सूजन में प्रयोग करें - सेंधा नमक व्यापक रूप से जैसे कई पेट की देखभाल के उत्पादों में घटक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है Hingwastak Churna , यह जठरशोथ बिगड़ती बिना, पेट में जलन के कारण के बिना पाचन में सुधार की वजह से।
Vibandhaghna - कब्ज, सूजन से राहत मिलती है।
पाक उपयोग करता है: सेंधा नमक प्रसिद्धि से पानी पुरी, मसाला पुरी, आइस क्रीम आदि कई घरों में आम नमक के स्थान पर, मुख्य नमक के रूप में सेंधा नमक का उपयोग सहित कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में प्रयोग किया जाता है।
नमक दुष्प्रभाव रॉक - यह उच्च रक्तचाप, सूजन और पानी की अवधारण के साथ लोगों में संकेत नहीं है।
बहुत अधिक मात्रा में, यह ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

Thursday, 20 November 2014

रामपाल की जमानत अर्जी खारिज, दोपहर बाद हाईकोर्ट में होगी पेशी

हत्या के मामले में कथित संत रामपाल की आेर से दाखिल की गई जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सन 2008 में हुई एक हत्या के मामले में जमानत के लिए उसकी ओर से अपील की गई थी। इस बीच सूचना है कि दोपहर बाद रामपाल को हाईकोर्ट में पेश किया जा सकता है। हाईकोर्ट में उन्हें अवमानना के मामले में पेश किया जाना है।
इससे पहले प्रशासन के लिए सिरदर्द बने रामपाल को सतलोक आश्रम के भीतर से बुधवार रात सवा नौ बजे गिरफ्तार कर लिया गया। रात करीब सवा दो बजे पंचकूला के जिला अस्पताल में उसका मेडिकल कराया गया, जिसमें सब कुछ सामान्य मिला। इस बीच आश्रम के भीतर भारी तादाद में गोला-बारूद और हथियार होने की आशंका जताई जा रही है। आश्रम को सील कर सीआरपीएफ ने अपने कब्जे में ले लिया है।
मेडिकल जांच के बाद रामपाल को पंचकूला के अस्पताल में ही रखा गया। एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था मोहम्मद अकील ने कहा कि बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद पुलिस उसे हाईकोर्ट में पेश करेगी। गिरफ्तारी के बाद रामपाल को एंबुलेंस में लेकर पुलिस रात करीब एक बजे पंचकूला के सेक्टर छह स्थित सिविल अस्पताल पहुंची।
वहां कड़ी सुरक्षा में तीसरी मंजिल पर सीएमओ डॉ. वीके बंसल के नेतृत्व में तीन चिकित्सकों की टीम ने उसका मेडिकल किया। अस्पताल के प्रवक्ता राजेश राजू के मुताबिक रामपाल का स्वास्थ्य सामान्य है। पल्स, ब्लड प्रेशर व ईसीजी सब सामान्य मिला। रामपाल के साथ उसके तीन-चार समर्थक भी लाए गए थे, जिनका मेडिकल कराया गया।
पानीपत के एसपी सतीश बालन की अगुवाई में सफेद रंग की शाल ओढ़े रामपाल के बाहर आते ही जवानों ने दबोच लिया। इससे पूर्व सुबह पुलिस ने शांतिपूर्वक 'ऑपरेशन रामपाल' शुरू किया तो पहले झटके में रामपाल के दायें हाथ कहे जाने वाले आश्रम प्रवक्ता राज कपूर व रामपाल की सेना की कमांड थामने वाले उसके छोटे भाई पुरुषोत्तम दास काबू आ गए। इसके अलावा सुरेंद्र व तीन अन्य रामपाल के करीबी भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। स्वेच्छा से बाहर निकल रहे लोगों की संख्या शाम तक 14 हजार के करीब पहुंच गई।
पंचकूला में समर्थकों ने किया हंगामा
चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। रामपाल को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस सीधे पंचकूला लेकर पहुंची। उसने किसी को यह भनक नहीं लगने दी कि मेडिकल चेकअप कहां पर होगा। कभी पीजीआइ चंडीगढ़ तो कभी सेक्टर 31 के अस्पताल में मेडिकल चेकअप के कयास लगाए जाते रहे। बिना किसी सूचना के पुलिस रामपाल को सीधे पंचकूला के सेक्टर छह स्थित अस्पताल लेकर पहुंची। रामपाल ने मुंह ढका हुआ था। पुलिस उसे अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने जनरल वार्ड में लेकर चली गई। इस दौरान रामपाल के समर्थक अस्पताल के बाहर जमा होने लगे। उन्होंने रामपाल से मिलने और उन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस के साथ हाथापाई भी की।
रामपाल के पुत्र, प्रवक्ता-निजी सुरक्षा कर्मी गिरफ्तार, कार्रवाई जारी 'कोर्ट के आदेश का पालन कराने को हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध' किला ध्वस्त, रामपाल गिरफ्तार, हिंसा के दौरान छह मरे आश्रम नहीं, कुकृत्यों का अड्डा, बंधक बना दुराचार करते थे कमांडो

Wednesday, 19 November 2014

हफ्ते में दो कोल्ड ड्रिंक से कैंसर को न्योता!

हफ्ते में दो कोल्ड ड्रिंक से कैंसर को न्योता!
https://www.facebook.com/video.php?v=10202464868496840
कोल्ड ड्रिंक्स से हो सकता है कैंसर
नयी दिल्ली : शीतल पेय अधिक मात्रा में पीने वाले लोगों के लिए यह खबर खतरे की घंटी है. एक नये अध्ययन से पता चला है कि जो लोग हर हफ्ते कम से कम दो बार मीठा शीतल पेय पीते...
हम राज्‍य झारखंड जमशेदपुर देवघर धनबाद रांची बिहार पटना भागलपुर मुजफ्फरपुर प. बंगाल कोलकाता सिलिगुडी राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ऑफबीट अभिमत रि-व्‍यू खेल अन्‍य खेल क्रिकेट मनोरंजन ग्‍लैमर चुटकुले टीवी/अन्‍यबॉलीवूड हॉलीवूड कारोबार न्‍यूज...

Wednesday, 12 November 2014

difference between Indian cow and Jersey Cow (विश्व हिन्दू एकता संघ)

1 दूध विषैले कैसिइन प्रोटीन बीटा CASOMORPHINE 7, 1 दूध के हानिकारक पेप्टाइड BCM7, वैदिक गाय की SURYAKETU Nadi, sebum ग्रंथियों के साथ सुगन्धित महक भारतीय humped गाय, 2 दूध में सी सी टी PROLINE बनाम 1 दूध में एमिनो एसिड 67 कैट हिस्टडीन,कैल्शियम मैग्नीशियम अनुपात में हानिकारक 1 दूध, humped गाय से अग्निहोत्र घी और GOMUTRA
सबसे पहली बात।




Humpless पश्चिमी गाय द्वारा उत्पादित 1 दूध स्वास्थ्य के लिए विषैला होता है, जबकि कुबर वाली भारत गाय द्वारा उत्पादित 2 दूध, स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

लंबे समय के लिए यूरोपियन और अमरीकन लोग ये कहते आये कि यह बहुत कम दूध देती है,

तीन दशक पहले, बोर्ड पर एक अंग्रेज पायलट के साथ लंदन के लिए टेम्स नदी में प्रवेश करते हैं। मेरा पायलट के साथ एक तर्क था कि बल्कि वह गाय बेहतर है जिस पर मेरे साथ एक तर्क था।
मैंने एक वाक्य के साथ अपने तर्क को मार गिराया।

एक दिन में दिए गए दूध की लीटर की संख्या केवल मूर्खों द्वारा गणना है। प्रति वर्ष लीटर की संख्या बुद्धिमान द्वारा गणना है। भारतीय गाय humpless किस्म की तुलना में एक साल में तीन गुना अधिक lactates और इसलिए अधिक दूध देती है।

इस धारणा को और सरल गणित का एक सवाल है।

इसके अलावा भारत में हम नहीं बल्कि खाने और दिन भर में पीने रहता है और अक्सर बीमार पड़ जाता है और इसलिए एंटीबायोटिक दवाओं के साथ पंप हो गया है, जो एक मोटी जर्सी गाय की तुलना में, एक शून्य रखरखाव गाय पसंद करते हैं। और इस गाय farts इतनी बार ओजोन परत में एक छेद हो जाता है कि गैस मीथेन।

Humpless गाय गोज़ ग्लोबल वार्मिंग में कोई एक अपराधी है।

भारत में हम यह है कि हम भारतीय गाय द्वारा उत्पादित 2 दूध से घी का उपयोग जरूरी है कि अग्निहोत्र अनुष्ठान करते हैं। 1 दूध से घी नकारात्मक प्रभाव का कारण बनता है। शायद एक दिन मैं क्वांटम EINSTENIAN दर्द लहरों पर एक ब्लॉग पोस्ट करेंगे।
अमृत VADAKAYIL रूप GOMUTRA पीने गोमूत्र

humpless गाय का विषाक्त 1 दूध के साथ जुड़े विभिन्न समस्याएं हैं:
- आत्मकेंद्रित,
- मधुमेह टाइप 1
- शिशुओं में अचानक मौत सिंड्रोम
- अल्सरेटिव कोलाइटिस,
- हृदय की समस्याओं
- मल्टीपल स्केलेरोसिस,
- मानसिक विकारों
- Parkinsons
- एक प्रकार का पागलपन।
- मोटापा
- एक rteriosclerosis
- असहिष्णुता सूजन

ऑटिस्टिक और पागलपन व्यक्तियों को आम तौर पर उनके मूत्र में BCM7 की बड़ी मात्रा में उगलना।

मनुष्य केवल humped भारतीय गाय के 2 दूध पर रह सकते हैं।


पश्चिम अब गुप्त रूप से भारत से भ्रूण हमारे देसी गायों की तस्करी में लगे हुए है। वेस्ट यह प्रतिरक्षा प्रणाली ( 2 बीटा प्रोटीन कैसिइन) बढ़ाने के जो साइटोकिन्स और खनिज जैसे सूक्ष्म पोषक के रूप में भारतीय कुबर वाली गायों की 2 दूध, अधिक लाभकारी है कि कई दशक पहले बाहर पाया गया है।

जनकराज हरयाणा के जींद जिले गांव लजवाना खुर्द ने गोल्ड मेडल जीता

आपको बताते हुए मुझे हर्ष हो रहा है की जनकराज जो की हरयाणा के जींद जिले के छोटे से गांव लजवाना खुर्द का होनहार लड़का जो कि  हर बार अपने गांव के लिए और अपने राज्य का नाम रोशन करता आ रहा है आज फिर उसने अखिल भारतीय योग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल  जीता है फिर भी हरयाणा खेल आयोग और राज्य सरकार से कोई राहत नही मिली है आज भी ये प्राइवेट कोचिंग देकर और स्कूलों में पढ़ाकर अपना खर्च चला रहा है और माँ बाप आज भी अपने गुजारे के लिए खेती करने पर मजबूर हैं।

Tuesday, 11 November 2014

स्वामी दयानंद सरस्वती (1824-1883)

महर्षि दयानंद सरस्वती छह वेदांगों, ऋग्वेद Bhasya की 9 संस्करणों और Yajurved Bhasya के 4 संस्करणों की एक 14 मात्रा विवरण सहित सभी में 70 से अधिक काम करता है, लेखक. उनकी सबसे महत्वपूर्ण और निर्दिष्ट काम करता सत्यार्थ प्रकाश, संस्कारविधि, Rigvedadi भाष्य भूमिका, (अप 7/61/2 लिए) ऋग्वेदभाष्यम् और यजुर्वेदभाष्यम् हैं.
महर्षि इसके बाद 1864 में स्वामी Virjanand के तहत अपने वैदिक पढ़ाई पूरी की, वह वैदिक प्रचार और सीखने के लिए 1874 ईसवी तक भारत भर में यात्रा की. महर्षि की पहली बड़ी ग्रन्थकारिता 1874 ईस्वी में पंचमहायज्ञविधि था. अजमेर के भारतीय शहर में स्थित Paropkarini सभा प्रकाशित और 1882 में अपने काम करता है और वैदिक ग्रंथों प्रचार करने के लिए स्वामी खुद के द्वारा स्थापित किया गया था.
महर्षि 1883 में निधन हो गया; उस समय उसकी ऋग्वेद Bhasyam आधे रास्ते से ही अधिक था. लेकिन काम की 10 साल की उसकी छोटी सी अवधि में, वह वैदिक विद्या पर एक विशाल, गहरा और अनुसंधान आधारित साहित्य बनाया.
महर्षि दयानंद के बारे में 25 + आत्मकथाएँ पिछले 125+ वर्षों में लिखी गई है. उनमें से कुछ इस लिंक पर उपलब्ध हैं ==> [ दयानंद सरस्वती पर आत्मकथाएँ ]

उनके ग्रंथों की पूरी सूची:
1)         आर्य समाज के नियम Aur Upniyam (30-11-1874)
2)         पंच महा Yajya विधि (1874 और 1877) : पहले (उपलब्ध नहीं) और फिर 1878 में Lazerus प्रेस, बनारस से फिर से प्रकाशित बम्बई से 1875 में प्रकाशित.
3)         सत्यार्थ प्रकाश (1875 और 1884) : यह पहली बार 1875 में प्रकाशित किया गया था; इस 1 संस्करण की बहुत कुछ प्रतियां उपलब्ध है; ईसाई धर्म और इस्लाम पर अध्याय 13 और 14 के कारण स्वार्थों के लिए इस संस्करण में शामिल नहीं किया जा सका.इस संस्करण दयानंद का अनुमोदन नहीं कर सकता है जो कई बयानों निहित के रूप में, एक संशोधित संस्करण केवल प्रामाणिक संस्करण के रूप में माना गया है और पूर्ण 14 अध्याय हैं, जो 1884 में प्रकाशित हुआ था. मूल रूप से हिंदी में लिखा, अनुवाद कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में उपलब्ध हैं. यह दो भागों में विभाजित किया गया है; पहले भाग में वैदिक धर्म के सकारात्मक पक्ष देता है और दूसरे भाग में विभिन्न धर्मों के falsities का विश्लेषण करती है.
4)         Aryabhivinaya (1876)
5)         संस्कारविधि (1877 और 1884)
6)         Aaryoddeshya रत्न Maala (1877) : एक आम तौर पर हिन्दू दर्शन और दयानंद के काम को पढ़ने भर आता है के रूप में यह परिभाषा और 100 ऐसे पदों की प्रदर्शनियों में शामिल है.
7)         Rigvedaadi Bhasya भूमिका (1878) : यह वेदों की उत्पत्ति और विषय पर चर्चा. यह संस्कृत और हिंदी में लिखा गया था; अब भी कुछ अन्य भाषाओं में उपलब्ध है.

8) ऋग्वेदभाष्यम् (7/61 / 1,2 केवल) (अधूरा) 1899 के लिए (1877); 9 किताबें स्वामीजी द्वारा लिखित और Aryamuniji द्वारा 6 किताबें शेष का एक सेट में उपलब्ध है.
मैं)          Rigved Bhasyam 1 बुक
द्वितीय)         Rigved Bhasyam पुस्तक 2
III)        Rigved Bhasyam पुस्तक 3
चतुर्थ)        Rigved Bhasyam पुस्तक 4
वी)         Rigved Bhasyam 5 बुक
     छठी)        Rigved Bhasyam पुस्तक 6
     सात)       Rigved Bhasyam बुक 7
     आठवीं)      Rigved Bhasyam पुस्तक 8
     नौ)         Rigved Bhasyam पुस्तक 9

9) ) (पूरी यजुर्वेदभाष्यम् ) 1878-1889 (: 4 पुस्तकों का एक सेट में उपलब्ध है.
     मैं)     Yajurved Bhasyam - 1 बुक
     द्वितीय)      Yajurved Bhasyam - 2 बुक
     III)     Yajurved Bhasyam - पुस्तक 3
     चतुर्थ)     Yajurved Bhasyam - बुक 4

10) अधूरा ASTHADHYAYI भाष्य (3 भागों) () 1879 के लिए (1878): प्रसिद्ध वैयाकरण पाणिनी के Ashtadhyayi पर एक टिप्पणी, स्वामीजी संस्कृत में Ashtadhyayi के पहले चार अध्यायों पर उसकी Bhasya लिखा था. यह अपने जीवन के दौरान प्रकाशित और अधूरा है नहीं किया गया था. हिंदी पहले दो अध्यायों पर स्वामीजी की संस्कृत टीका का अनुवाद और तीसरे का एक हिस्सा स्वामीजी द्वारा छोड़ा पांडुलिपि में ही अस्तित्व में. paropkarini सभा अब तक तीन खंडों में से 3 अध्याय 1 पर स्वामीजी की कमेंट्री प्रकाशित किया है; 1927 में वॉल्यूम 1 और 1949 के इन दो संस्करणों में वॉल 2 अप्रकाशित थे और गलतियों का एक बहुत निहित. आर्य Muniji तो तीसरा खंड प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद क्रमश: दो संस्करणों में अगले दो अध्यायों संपादित. चौथे खंड दुर्भाग्य से, अप्रकाशित रहते हैं.
     मैं)        Asthadhyayi भाष्य - 1 बुक
     द्वितीय)       Asthadhyayi भाष्य - 2 बुक
     III)     Asthadhyayi भाष्य - पुस्तक 3 (आर्य मुनि जी द्वारा संपादित)
चतुर्थ)   Asthadhyayi भाष्य - बुक 4 (आर्य मुनि जी द्वारा संपादित - अप्रकाशित)

11)      संस्कृत Vakyaprabodhah (1879): यह जानने के लिए और Sankrit में बात करने के लिए एक सहयोगी है.
12)     Vyavahar भानु (1879) : यह व्यवहार पर लोकप्रिय और हर रोज विषय से संबंधित है. शिक्षाओं दिलचस्प उपाख्यानों और शिक्षाओं से समर्थन कर रहे हैं.

VEDANG प्रकाश (14 पुस्तकों का सेट)
13)      वर्णोंच्चरण शिक्षा (1879)
14)      संधि Vishay
15)      Naamik
16)      Kaarakiya
17)      Saamaasik
18)      Streintaaddhit
19)      Avyayaarth
20)     Aakhyaatikah
21)     Sauvar
22)     PariBhaashik
23)     Dhatupath
24)     Ganpaath
25)     Unaadikosh
26)     निघंटु

27)     भ्रान्ति-निवारण (1880) : यह ऋग्वेद टीका पर एक नमूना है
28)     Bhramocchedan (1880) : यह स्वामीजी के रिग Vedadi Bhasya भूमिका को Beneras की आपत्तियों के राजा शिव प्रसाद Sitaar-ए-हिंद के लिए एक जवाब है.
29)      अनु Brhamochhedan (1880): यह स्वामीजी के Bhramocheddan को एक राजा शिव प्रसाद प्रकाशित जब खंडन, और जवाब के रूप में प्रकाशित किया गया था.
30)     Gokaruna निधि (1880) : यह आग्रह सामान्य रूप में विशेष रूप से और अन्य जानवरों में गायों के संरक्षण के लिए.

32) ऋषि दयानंद KE पत्र AUR VIGYAPAN: - दयानंद सरस्वती commnication में बेहद अच्छा और सहज था. उन्होंने अपने जीवन काल में पत्र के हजारों लिखा था. दयानंद और दूसरों के बीच लगभग 1400 + पत्र संचार प्रकाशित फॉर्म में अब उपलब्ध हैं. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा लिखित पत्र एकत्र करने में अग्रणी प्रयासों पंडित Lekhram और महात्मा मुंशीराम (स्वामी श्रद्धानन्द) द्वारा किया गया था. पंडित Lekhram इन एकत्र पत्र से अनुसंधान जिसमें (उर्दू में) स्वामी दयानंद की पहली जीवनी प्रकाशित. महात्मा मुंशीराम (- डॉ कमल पुंजानी भी हिंदी साहित्य के पत्र का पहला संग्रह के रूप में जाना जाता है) 1910 ईसवी में "ऋषि दयानंद का पत्र Vyavhar- वॉल्यूम 1" प्रकाशित. यह काम आगे प्रकाशित जो पंडित Chamupati द्वारा जारी किया गया था 1935 ईस्वी में "ऋषि दयानंद का पत्र Vyavhar- वॉल 2". 1945 ईस्वी में, पंडित Bhagvaddatta प्रकाशित "ऋषि दयानंद के पात्र Aur vigyapan" 1945 में; इस प्रयास Manasvi Mamraj जी के अथक प्रयास के बिना संभव नहीं हो सकता था. ऊपर प्रकाशनों के अधिकांश (अब पाकिस्तान में) लाहौर में रखा गया था और 1947 के दंगों में खो गए थे.
1980 के दशक में, Maho-महा-उपाध्याय पंडित Yudhistir Mimamsak, सब से ऊपर पत्र और महर्षि दयानंद के अन्य प्रकाशनों का एक संकलन बना दिया. इस संकलन के चौथे और अपने पिछले संस्करण उनमें से 1400 + युक्त 4 खंडों में प्रकाशित किया गया था.इन पत्रों संस्कृत, हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी में थे.
मैं) "ऋषि दयानंद का पत्र Vyavhar- वॉल्यूम 1" - महात्मा Mumnshiram
चतुर्थ) " ऋषि दयानंद के पात्र Aur vigyapan - वॉल 1 "- पंडित Yudhistir Mimansak
     वी) " ऋषि दयानंद के पात्र Aur vigyapan - वॉल 2 "- पंडित Yudhistir Mimansak
     छठी) " ऋषि दयानंद के पात्र Aur vigyapan - वॉल 3 "- पंडित Yudhistir Mimansak
     सात) " ऋषि दयानंद के पात्र Aur vigyapan - वॉल 4 "- पंडित Yudhistir Mimansak

34)     Chaturved Vishay Suchi (1971) : वेदों पर अपनी टीका शुरू करने से पहले, दयानंद वेदों पर टिप्पणी के समय उनके मार्गदर्शन के लिए सभी चार वेदों के विषय वार सूचकांक तैयार किया था.

JANM चरित्र (ऑटो जीवनी):
36)     स्वामी दयानंद dwara Janm चरित्र (1872-1873) swarachit (कोलकाता 1872-1873 में संस्कृत में)
38)     स्वामी दयानंद dwara Janm चरित्र (1880) swarachit : (Theosophist सोसायटी की मासिक पत्रिका के लिए: नवम्बर एवं दिसम्बर 1880): यह हिन्दी में स्वामीजी ने लिखा था; अंग्रेजी में अनुवाद किया और Theosophist सोसायटी द्वारा प्रकाशित.

शास्त्रार्थ / KHANDANAM (आलोचना) किताबें [ Shastratha Sangrah ]:
39)     भागवत खंडनम या Paakhand खानदान (1866) या Vaishnavmat खानदान (1866): सबसे पहले आगरा से 1864 में प्रकाशित और Pakhand Khandini Pataka फहराने के समय में कुंभ मेला हरिद्वार में वितरित की. यह Unarsh काम के रूप में Bhaagvat खारिज कर दिया. यह आगे नोटों के साथ 1871 में पुनर्प्रकाशित किया गया था.
40)     Advaitmat खानदान (अनुपलब्ध) (1870): शंकराचार्य के अद्वैत का अद्वैत के सिद्धांत की निंदा; लाइट प्रेस, Beneras 1870 से प्रकाशित.
41)      हुगली Shastrarth (1873) : यह पहला बंगाली में प्रकाशित किया है और बाद में शीर्षक "प्रतिमा पूजन विचार 'के तहत हिंदी में प्रकाशित किया गया था.
42)      वेदांती Dhwant निवारण (1875) : यह नव Vedantists भगवान और आत्मा की एकता को साबित करने के लिए भरोसा करते हैं, जिस पर चार सिद्धांत aphorisms के अर्थ और प्रदर्शनियों देता है. इस अध्ययन में उनके विवाद का खंडन और ब्राह्मण और उपनिषद का हवाला देते.
43)      Vedviruddh चटाई खानदान (1875): यह मूल रूप से संस्कृत में लिखा गया था; श्यामजी कृष्ण वर्मा हिन्दी में गुजराती और भीमसेन में यह अनुवाद. इस काम मूर्ति पूजा, avataars में विश्वास, आदि यह Vallabhachaari और अन्य वैष्णव संप्रदाय के सिद्धांतों का खंडन denounces.
44)     शिक्षापत्री Dhwant निवारण (1875) : यह स्वामी नारायण संप्रदाय के संस्थापक द्वारा लिखित शिक्षा Patri को एक निराकरण के रूप में आया था.
45)     Puna प्रवचन (04-07-1875): यह पहली मराठी में प्रकाशित किया गया था; बाद में इसे गुजराती में अनुवाद किया गया था; इसके हिंदी संस्करण के रूप में जाना जाता है Updesh मंजरी .
46)      Jullundhar Shastrarth (1877) : पंजाबी प्रेस, लाहौर, 1877.
47)     Satyadharm विचार (मेला Chandapur) (1877) : सबसे पहले 1878 में उर्दू में प्रकाशित मेला चंद्रपुर शास्त्रार्थ; बाद में शीर्षक सत्य धर्म Vichaar तहत वैदिक Yantralaya, Beneras, 1880 से हिंदी और उर्दू दोनों में प्रकाशित.
48)      बरेली Shastrarth (1879) : यह पहला नाम Satyasatya विवेक के तहत उर्दू में प्रकाशित हुआ था.
50)      अजमेर शास्त्रार्थ अजमेर की Aryadarpan में हिंदी और उर्दू दोनों में प्रकाशित किया गया था.
51)      Masuda शास्त्रार्थ अजमेर के देश Hitaishi में प्रकाशित किया गया था.
52)      उदयपुर शास्त्रार्थ दयानंद ने अपनी आत्मकथा में पंडित Lekhram द्वारा प्रकाशित किया गया था.
नोट: - अन्य के लिए विविध Shastrarth रामलाल कपूर ट्रस्ट सोनीपत (हरियाणा) द्वारा प्रकाशित Arsh साहित्य प्रचार ट्रस्ट, दिल्ली और 2. ऋषि दयानंद के Shastrarth एवं प्रवचन द्वारा प्रकाशित 1.Dayanand Shastrarth Sangrah पढ़ें.

अन्य अप्रकाशित / अनुपलब्ध काम करता है:
53)     संध्या (1863) (अनुपलब्ध): पहले तुरंत स्वामी Virjanand के तहत अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद स्वामी दयानंद का काम प्रकाशित;Jwalaprakash प्रेस, आगरा से. तीस हजार प्रतियां तो नि: शुल्क वितरित किए गए; व्यय एक Ruplal से मुलाकात की थी; दुर्भाग्य से काम कोई और अधिक उपलब्ध है.
54)     VedBhashyam Namune का प्रथम अंक (1875)
56)     गौतम अहिल्या की कथा (अनुपलब्ध) (1879): यह गौतम की कथा का एक पुनर्व्याख्या है - अहिल्या, पुराणों में उपलब्ध संस्करणों से काफी अलग है.
57)     (बाबू देवेन्द्रनाथ मुखोपाध्याय के अनुसार) Gadarbh Taapni Upnishad (अनुपलब्ध)
स्वामी दयानंद सरस्वती का प्रिंट काम करता है की एक alphabatical सूची के लिए, "पर क्लिक करें सभी देखें ".